Thursday, April 23, 2009

बस यूँ ही !!!

हिंदी में लिखने का मुझे हमेशा से ही काफी शौक था पर कई सालों से कोई मौका नहीं मिला था. आज भी जब मैं हिंदी में लिखती हूँ तो मुझे अन्यन्त ख़ुशी मिलती है. इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि मेरा  हिंदी का  लेख देखने में अन्ग्रेजी से काफी बेहतर है, और समझने में भी आसान.

 लक्ष्य के लिए जब हमने स्क्रिप्ट (इसे हिंदी में क्या बोलते हैं यह मुझे शब्दकोष में देखना पड़ेगा) लिखनी शुरू की तो मुझे फिर एक मौका मिला हिंदी में लिखने का. भले ही ऐसे मौके मुझे ज्यादा नहीं मिलते, पर जब भी मिलते हैं, मैं इनका पूरा-पूरा फायदा उठती हूँ. हिंदी में लिखना एक कला है और मैं इस बात से काफी खुश हूँ की मुझमे भी यह मौजूद है, भले ही कम मात्रा में.  

आई लिप द्वारा लिखे गए इस छंद को लिखकर मुझे काफी सुकून मिला.

मिशिका 

2 comments:

SrishtiC said...

क्या बात है! वाह वाह!

abhinav"debris of euphoria" said...

lmao...
=P